होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥३९॥ तुलसीदास सदा हरि चेरा । तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै॥ लङ्केस्वर भए सब जग जाना ॥१७॥ जुग सहस्र जोजन पर भानु । तुम्हरो मन्त्र विभीषन माना। लंकेश्वर भये सब जग जाना॥ अंजनी के नन्द दुखः दण्ड को दूर करो सुमित https://britedirectory.com/listings13215396/a-simple-key-for-hanuman-chalisa-unveiled